Showing posts with label प्रेम क़द और उम्र नहीं देखता. Show all posts
Showing posts with label प्रेम क़द और उम्र नहीं देखता. Show all posts

Tuesday, March 30, 2010

प्रेम क़द और उम्र नहीं देखता

यह घटना ब्राज़ील की है। प्रेमी-मेनुअल डीसोजा। उम्र 38 साल। आय- बस गुज़ारे के लिए। प्रकृति ने उसके साथ एक बड़ा मजाक किया था। उसका क़द केवल पौने दो फुट था। वह किसी सर्कस में मस्खरे का अभिनय नहीं करता था। वह तो सामान्य मनुष्यों की तरह जीवन बिताना चाहता था। लेकिन संसार की भीड़ में वह स्वयं को बिल्कुल अकेला अनुभव करता था। उसके हृदय में वह सभी आकांक्षाएं मचलती थीं, जो मनुष्य को सुंदर जीवन के स्वप्न दिखाती हैं। वह चाहता था कि कोई उसे अपनाए, प्यार करे, अपना जीवन साथी बनाए। वर्ष बीतते गए और उसकी यह अभिलाषा उसके हृदय में प्यासी तड़पती रही।



एक सांझ एक पार्टी में उसकी मुलाक़ात नावर-डे-फ्रीना से हुई। वह उसे अपने सपनों की राजकुमारी प्रतीत हुई। वह रूपवती थी। धनी परिवार से संबंध रखती थी। उसकी उम्र सिर्फ़ उन्नीस वर्ष थी और उसका ़क़द पांच फुट आठ इंच था। सामान्य लड़कियों के क़द से कुछ अधिक। मैनुअल उसकी कमर तक भी नहीं पहुंचता था।



पहली नÊार में ही मैनुअल उसे दिल दे बैठा। पहली मुलाकात के एक सप्ताह के पश्चात संयोगवश दोनों रास्ते में मिल गए। प्रेम के देवता का वाण निशाने पर लगा था।नावर के माता-पिता को जब उस बेजोड़ प्रेम का समाचार मिला, तो वे बहुत रुष्ट हुए। उनकी मुलाक़ातों पर प्रतिबंध लगा दिए गए। उस प्रेम का भूत उतारने के लिए नावर को यूरोप भेजने का कार्यक्रम बनने लगा।



दोनों छुप-छुप कर मिलते रहे और एक दिन दोनों ने घर से भागकर चुपचाप विवाह रचा लिया।अब पति-पत्नी एक छोटे-से नगर साउन-जू-आऊ में रहते हैं। उनके प्रेम में आज भी कोई कमी नहीं हुई। उनके माता-पिता, मित्र, मिलने वाले उनके विवाह को स्वीकार कर चुके हैं।



प्राय: कोई आगंतुक गुल्ली-डंडा जैसे पति-पत्नी पर कोई कटाक्ष कर देता है, किंतु वे परवाह नहीं करते। इन बातों के वह अभ्यस्त हो चुके हैं। नावर ने अपनी एक सहेली को मैनुअल से अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में बताया, ‘वह गुड्डे की तरह एक कोने में खोया-खोया-सा खड़ा हुआ था। वह मेरी ओर कुछ अजीब ढंग से देख रहा था। उस समय उसकी नज़रों का मतलब समझना मेरे लिए कठिन था।



जब मैं पार्टी से घर वापस गई, तो उसकी शक्ल और याचक नज़रें बहुत देर तक मेरे मस्तिष्क में घूमती रहीं। मेरा दिल कहता था कि वह प्रेम की याचना कर रहा है। मैं मन ही मन में यह प्रार्थना करती रही थी कि उससे पुन: मुलाक़ात हो जाए। भगवान ने मेरी प्रार्थना सुन ली। जब सड़क पर हमारी मुलाक़ात हुई, तो मैं बहुत प्रसन्न हुई।



अपने विवाहित जीवन के बारे में एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में नावर ने कहा, ‘वह मुझ से प्रेम करता है। मैं उसे चहाती हूं। आयु और क़द का अंतर हमारे लिए अर्थहीन है।’