Wednesday, July 28, 2010

मिथुन के लिए कौन सी राशि की पत्नी सर्वश्रेष्ठ?

क्या आपके पति मिथुन राशि के है? या आप मिथुन राशि वाले पुरुष को अपना जीवन साथी चुनना हैं? तो जानिए मिथुन राशि की जोड़ी किस राशि के अच्छी रहेगी...
मिथुन पुरुष और मेष स्त्री
मिथुन राशि वाले पुरुष मेष राशि की स्त्री की ओर बहुत जल्द ही आकर्षित हो जाते हैं। इनकी जोड़ी काफी रोमांटिक रहती है। यह यात्राएं करना पसंद करते हैं। इनमें शारीरिक आकर्षण बहुत अधिक होता है।
मिथुन पुरुष और वृष स्त्री
वृष राशि की स्त्रियां वास्तविकता में यकीन रखती हैं और यह योजनाओं ठीक से लागू करने में पति की मदद करती हैं। इनका जीवन काफी हद तक सुखमय माना जा सकता है।
मिथुन पुरुष और मिथुन स्त्री
मिथुन राशि वाले हमेशा कुछ नया करने के लिए प्रयास करते रहते हैं। मिथुन राशि की स्त्रियां हमेशा हंसती रहती है और हर परिस्थिति का सामना कर लेती हैं। इस जोड़ी में तकरार भी होती है और प्यार भी बहुत रहता है।
मिथुन पुरुष और कर्क स्त्री
सामान्यत: यह जोड़ी एक-दूसरे ठीक से समझ ही नहीं पाती है। अधिकांश समय इनके बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। कर्क राशि की स्त्रियां फिजूलखर्च पसंद नहीं करती है।
मिथुन पुरुष सिंह स्त्री
सिंह राशि की स्त्रियां बदलाव पसंद करती हैं। एक जैसा जीवन इन्हें पसंद नहीं आता। यदि जीवन साथी इनकी ख्वाहिशें पूरी करते रहे तो यह खुश रहती हैं।
मिथुन पुरुष और कन्या स्त्री
कन्या राशि की स्त्री बहुत जल्द नाराज हो जाती हैं। वैसे यह जोड़ी एक दूसरे की भावना को समझते हैं परंतु फिर भी कई बार इनके बीच मतभेद उत्पन्न हो जाते हैं।
मिथुन पुरुष और तुला स्त्री
तुला राशि की स्त्रियां हर समस्या से अच्छे से निपट लेती हैं। मिथुन राशि के पुरुष भी काफी चतुर होते हैं। इनके बीच सामंजस्य ठीक रहता है।
मिथुन पुरुष और वृश्चिक स्त्री
यह जोड़ी एक दूसरे के प्रति हमेशा वफादार बने रहना चाहती है। फिर भी छोटी-छोटी बातों के पीछे इनके बीच तनाव बढ़ जाता है। अन्य लोगों पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं।
मिथुन पुरुष और धनु स्त्री
धनु राशि की स्त्रियां खुले विचारों वाली और बहुत भावुक होती है। कई मिथुन राशि के पुरुष कोई भी निर्णय बहुत जल्दबाजी में लेते हैं। इस जोड़ी का जीवन सामान्य रहता है। ये एक दूसरे की भावनाओं की कद्र भी करते हैं।
मिथुन पुरुष और मकर स्त्री
मकर राशि की स्त्रियां हिसाब-किताब की बहुत पक्की होती हैं। घर में इनकी ज्यादा चलती हैं। मिथुन राशि के पुरुष इनके साथ अच्छा जीवन व्यतीत करते हैं। मकर राशि की स्त्रियां को मनाना काफी कठिन होता है।
मिथुन पुरुष और कुंभ स्त्री
यह जोड़ी एक-दूसरे बाते करना बहुत अधिक पसंद करती है। ये आपस कई गलतियां करते रहते हैं। इस जोड़ी में प्रेम बहुत रहता है।
मिथुन पुरुष और मीन स्त्री
मीन राशि की स्त्रियां खुद को हर परिस्थिति में संभाल लेती हैं। अपने जीवन साथी की बातों को मानती हैं। मिथुन राशि वाले भी इस राशि की स्त्री का साथ पसंद करते हैं।

Sunday, July 25, 2010

सेक्स से बढ़कर है फेसबुक

स्कॉटलैंड में लगभग 50 फीसदी लोग करोड़पति बनने के लिए एक साल तक सेक्स का त्याग कर सकते हैं। इसके मुकाबले सिर्फ 33 फीसदी लोग ही करोड़पति बनने के लिए फेसबुक को छोड़ना बेहतर समझेंगे। इसका मतलब है कि लोगों के लिए फेसबुक सेक्स से बढ़कर है। यह सर्वे एक वेबसाइट इंटरकैसिनो द्वारा कराया गया।

चार महिलाओं में से एक ने कहा कि वे करोड़पति बनने के लिए किसी भी अजनबी के साथ सो लेंगी। इनके मुकाबले 45 फीसदी पुरुष ऐसा करने को तैयार थे। कुल मिलाकर 40 फीसदी लोगों ने कहा कि यदि वे कल ही करोड़पति बन जाएं तो शैंपेन में डूबने और प्राइवेट जेट में आसमान नापने की बजाय वे अपने पुराने माहौल को बरकरार रखना चाहेंगे।

Saturday, July 24, 2010

क्‍या है एंजेलिना के जीवन का काला सच

‘एंजेलिना एन अनऑथोराइज्‍ड बॉयोग्राफी’ के मार्केट में आने से एंजेलिना बहुत आहत है। उन्‍होंने कहा है कि हर व्‍यक्ति के जीवन में बुरा वक्‍त आता है। मेरे जीवन में बुरा वक्‍त आया। लेकिन मैं अपने आप से सीखी।


ब्रैड पिट का मेरे जीवन में बहुत ज्‍यादा महत्‍व है क्‍योंकि उसने मेरे व्‍यक्तित्‍व को सबसे ज्‍यादा निखारा है। जब दो लोग साथ रहते हैं तो दोनों एक दूसरे से बहुत कुछ सीखते हैं। हमदोनों बहुत अच्‍छे पार्टनर है। मुझे यहां तक पहुंचाने में ब्रैड का बहुत बड़ा योगदाना है। मैं उसके साथ सुरक्षित महसूस करती हूं।


गौरतलब है कि एंजेलिना जोली की दाई ने एंजेलिना पर किताब लिखकर उन्‍हें चर्चा का विषय बना दी है। किताब में लिखा गया है कि एंजेलिना की मां ने बचपन में उसे छोड़ दिया था। और इसलिए एंजेलिना को टीन एज से ही ड्रग्‍स की लत लग गई थी। वह गुस्‍से में हिंसक हो जाती थी तथा कभी कभी तो वह खुद को भी घायल कर लेती थी।


एंजेलिना की मां मार्चलाइन अपने पति जॉन वोइट से अलग होने के बाद एंजेलिना को अपने जीवन से अलग कर दी थी। यह घटना 1976 की है। इसके बाद एंजेलिना की मां ने प्रोड्यूसर बिल डे के साथ रहने लगी थी। एंजेलिना की मां मार्चलाइन ने एंजेलिना को दो वर्षों तक अलग अपार्टमेंट में रखा था। अपार्टमेंट के स्‍टाफ उसकी देखभाल करते थे।

कोई भी बन सकेगा मिस्टर इंडिया

सुनने में यह सब फिल्म मिस्टर इंडिया की कहानी सा लग सकता है लेकिन सौ फीसदी सच है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कांच के अत्यंत सूक्ष्म टुकड़ों की मदद से ऐसा कपड़ा तैयार किया है जिसे किसी वस्तुओं को ढंकने के बाद वे अदृश्य हो जाती हैं।

सामान्य रूप से जब प्रकाश किसी वस्तु पर पड़ता है तो वह परावर्तित होकर व्यक्ति की आंखों पर पड़ता है जिससे हमें चीजें दिखाई देती हैं। लेकिन मिशिगन टेक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ऐसी तरकीब खोज निकाली है जिससे किसी वस्तु पर पड़ने वाला प्रकाश परावर्तित नहीं होता है बल्कि उस वस्तु के आकार के अनुसार मुड़कर अपने रास्ते पर आगे चला जाता है। हालांकि यह खोज अभी इंफ्रारेड लाइट (अवरक्त प्रकाश) तक ही सीमित है। अभी यह तकनीक प्रयोगशाला में ही सफल हो पाई है लेकिन यदि इंफ्रारेड किरणों पर मिले परिणाम दृश्य प्रकाश पर भी मिल सके तो अदृश्य होने की कल्पना साकार हो सकेगी।

कपड़ा कर देगा अदृश्य

ऐसा धातुरहित सूक्ष्म कपड़ा जो कांच के रेजोनेटर्स से बना है। रेजोनेटर वह डिवाइस या तंत्र होता है जिसके अंतर्गत पदार्थ में कंपन होता रहता है। इसे उस पदार्थ की अनुनाद प्रवृत्ति भी कहते हैं। कंप्यूटर सिमुलेशंस (कंप्यूटर द्वारा किए गए प्रयोग) में यह इंफ्रारेड प्रकाश को मोड़ कर वस्तु को गायब कर देता है। गौरतलब है कि इस प्रायोगिक कपड़े का आकार बहुत ही छोटा है। इसका आकार एक मीटर के दस लाखवें भाग के बराबर है।

इलीना द्वारा बनाया गया विशेष पदार्थ प्रकृति में मिलने वाले पदार्थो की तरह नहीं है। इसमें वे गुण हैं जो सामान्य रूप से प्रकृति में नहीं मिलते। इस कपड़े को बनाने के लिए संकेंद्रित कांच के रेजोनेटर्स को बेलन के आकार में व्यवस्थित किया गया है। न्यू साइंटिस्ट मैगजीन ने पिछले साल अनुमान लगाया था कि अगले 30 सालों में अदृश्य करने वाला कपड़ा रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा।


कैसे अदृश्य होंगी चीजें

वृत्त की आराएं (स्पोक्स) एक चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण करेंगी जो वस्तु पर पड़ने वाले प्रकाश की किरण को मोड़ देगा। इस धातुरहित कपड़े को बनाने के लिए सामान्य गुणधर्म के पदार्थ के अणु-परमाणु नहीं बल्कि अत्यंत महीन रेजोनेटर्स का प्रयोग किया गया है। रेजोनेटर्स को पदार्थ विज्ञान और विद्युत इंजीनियरिंग के बीच की कड़ी कहा जा सकता है।